"मधुमक्खियों का अस्तित्व खतरे में"
हम सभी को शहद अच्छा लगता है,लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि शहद का निर्माण करने वाली मधुमक्खियों का अस्तित्व अब खतरे में है। पूरी दुनिया में मधुमक्खियों की घटती संख्या चिंता का विषय है।
मधुमक्खीयों के विलुप्त होने से साथ सेब, जामुन, ककड़ी, गोभी व चैरी जैसे फल व सब्जियों पर संकट आने वाला है। क्योंकि इन सभी पौधों का अधिकांश परागण मधुमक्खी ही करती है।
मधुमक्खी की करीब 20,507 प्रजातियां हैं जिनमें से एक दर्जन प्रजातियां शहद पैदा करने वाली होती हैं। लेकिन मधुमक्खियों की सभी प्रजातियां फसलों और जंगलों के लिए जरुरी हैं। अपने देश में लगभग 723 प्रजातियां रहती हैं। लेकिन अब ये धीरे-धीरे कम हो रही हैं। इनके कम होने से इंसानी गतिविधियों पर भी बुरा असर पड़ेगा।
‘अगर इसी तरह मधुमक्खियों की संख्या कम होगी लोगों को फसल कम मिलेंगे। इससे खाने की व्यवस्था में दिक्कत का सामना कारण पड़ सकता है।’

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ReplyDeleteThanxx
DeleteVERY INFORMATIVE
ReplyDeleteVery informative
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