वर्तमान में बढ़ती गर्मी : एक पर्यावरणीय संकट
आज के समय में बढ़ती गर्मी पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर पर्यावरणीय समस्या बन चुकी है। हर वर्ष तापमान में वृद्धि हो रही है, जिसके कारण मानव जीवन, वनस्पति, जीव-जंतु तथा प्राकृतिक संसाधनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। पहले जहाँ गर्मी का मौसम सीमित और सहनीय होता था, वहीं अब अत्यधिक तापमान, लू तथा अनियमित मौसम सामान्य बात बनते जा रहे हैं। बढ़ती गर्मी का मुख्य कारण वैश्विक तापवृद्धि (Global Warming) है। उद्योगों, वाहनों तथा बिजली उत्पादन से निकलने वाली गैसें वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा बढ़ा रही हैं। ये गैसें पृथ्वी की ऊष्मा को बाहर नहीं जाने देतीं, जिससे तापमान लगातार बढ़ता है। इसके अतिरिक्त वनों की कटाई, बढ़ता शहरीकरण और प्रदूषण भी इस समस्या को गंभीर बना रहे हैं। गर्मी बढ़ने से अनेक समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। जल स्रोत सूख रहे हैं, खेती प्रभावित हो रही है तथा कई क्षेत्रों में जल संकट गहरा रहा है। अत्यधिक तापमान के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ बढ़ रही हैं। पशु-पक्षियों का जीवन भी संकट में पड़ रहा है। ग्लेशियरों के पिघलने से सम...